शाही स्नान के बाद करें विशेष अनुष्ठान और पूजा

WRITTEN BY Team Bhakt Vatsal 04th Jan 2025

सनातन धर्म की आस्था का सबसे बड़ा पर्व और केंद्र महाकुंभ का आयोजन हर 12 साल में एक बार होता है।

साल 2025 का महाकुंभ प्रयागराज में आयोजित होने जा रहा है। प्रयागराज बड़े धार्मिक स्थलों में से एक है।

महाकुंभ में शाही स्नान का विशेष महत्व है। शाही स्नान करने से व्यक्ति के समस्त पापों का नाश हो जाता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शाही स्नान शरीर की शुद्धि के साथ आत्मा की शुद्धि और शांति प्रदान करता है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शाही स्नान करने के पश्चात् सूर्य देव को अर्घ्य देना महत्वपूर्ण माना जाता है।

महाकुंभ में शाही स्नान करने के बाद जरूरतमंदों को दान देने से ग्रहों के अशुभ प्रभाव कम होते हैं।

कुंभ में शाही स्नान के बाद भगवान विष्णु की पूजा करना चाहिए और देवी तुलसी को जल चढ़ाना चाहिए।

महाकुंभ में शाही स्नान के बाद दीपदान करना चाहिए और गाय को रोटी खिलाना भी शुभ माना जाता है।

महाकुंभ में कैसे किया जाता है शाही स्नान, यहां जानिए