पूजा के समय पढ़िए मां कात्यायनी की व्रत कथा
WRITTEN BY
Team Bhakt Vatsal
03rd April 2025
चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है। हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है।
नवरात्र के नौ दिन मां के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है।
मां दुर्गा के छठे रूप मां कात्यायनी को महिषासुर मर्दनी के नाम से भी जाना जाता है।
कथा के अनुसार महर्षि कात्यायन ने संतान प्राप्ति के लिए मां भगवती की कठोर तपस्या की।
महर्षि कात्यायन ने मां भगवती से वरदान मांगा कि मां भगवती उनके यहां पुत्री के रूप में जन्म लें।
एक बार महिषासुर नाम के दैत्य का अत्याचार प्रतिदिन तीनों लोकों पर बढ़ता ही जा रहा था।
तब देवी ने महर्षि कात्यायन के यहां जन्म लिया और इस कारण देवी मां का नाम कात्यायनी पड़ा।
मां कात्यायनी ने दशमी के दिन महिषासुर का वध किया और संसार को अत्याचारों से मुक्त किया।
नवरात्रि में माता के नौ रूपों को समर्पित बीज मंत्रों का करें जाप
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