नवरात्रि के सातवें दिन पढ़ें मां कालरात्रि की कथा
WRITTEN BY
Team Bhakt Vatsal
04th April 2025
हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है। इसकी शुरुआत 30 मार्च से हो चुकी है।
ग्रंथों के अनुसार, नवरात्रि के नौ दिनों में से सातवां दिन मां कालरात्रि को समर्पित माना जाता है।
कथा के अनुसार, शुंभ-निशुंभ और रक्तबीज नाम के राक्षस ने लोकों में आतंक मचा रखा था।
देवताओं के आग्रह पर और भोलेनाथ की आज्ञा से मां दुर्गा ने शुंभ-निशुंभ राक्षसों का वध किया।
रक्तबीज को यह वरदान प्राप्त था कि उसकी खून की हर बूंद से नया राक्षस उत्पन्न हो जाता था।
यह सब देखकर माता ने अपने प्रकाश से कालरात्रि को उत्पन्न किया और उसका वध कर दिया।
मां ने रक्तबीज के खून को जमीन पर गिरने से पहले ही मुख में भर लिया और उसका अंत किया।
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