चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन पढ़ें मां कूष्मांडा की व्रत कथा

WRITTEN BY Team Bhakt Vatsal 02nd April 2025

चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 30 मार्च से हो चुकी है। इस दौरान मां के 9 रूपों की पूजा का विधान है।

पौराणिक मान्यता के अनुसार, नवरात्रि के चौथे दिन देवी मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है।

देवी कुष्मांडा, दुर्गा मां का चौथा रूप हैं। देवी भागवत पुराण में उनकी महिमा का वर्णन होता है।

मान्यताओं के अनुसार, माता कूष्मांडा ने अपनी हल्की मुस्कान से ब्रह्मांड का निर्माण किया था।

सृष्टि के अंधकार को माता ने अपनी हंसी से दूर किया था। इसलिये इन्हें कूष्मांडा कहा जाता हैं।

मां कुष्मांडा का स्वरूप बहुत ही खास है। देवी कूष्मांडा को दिव्य और अलौकिक माना जाता है।

मां कुष्मांडा हमें जीवन शक्ति देती हैं। इस दिन भक्तों को दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए।

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