चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन, पढ़ लें मां चंद्रघंटा की ये व्रत कथा

WRITTEN BY Team Bhakt Vatsal 01st April 2025

हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है। चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है।

मान्यता के अनुसार, चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन मां चंद्रघंटा को समर्पित माना जाता है।

मां चंद्रघंटा के माथे पर अर्धचंद्र सुशोभित होता है इसलिए माता को चंद्रघंटा कहा जाता है।

पौराणिक कथा के अनुसार, माता ब्रह्मचारिणी के रूप में भगवान शिव को प्राप्त कर लेती हैं।

इसके पश्चात असुरराज महिषासुर भगवान ब्रह्मा से वरदान प्राप्त कर आतंक मचाने लगता है।

तब भगवान ब्रह्मा, विष्णु और महेश मिलकर माता से उसका वध करने के लिए आग्रह करते हैं।

मां ब्रह्मचारिणी ने देवों की इच्छानुसार चंद्रघंटा के रूप में प्रकट होकर महिषासुर का वध किया।

चैत्र नवरात्रि पर वास्तु दोष को दूर करने के लिए अपनाएं ये उपाय