परशुराम जयंती भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। यह हर वर्ष अक्षय तृतीया के दिन आती है और इस दिन किया गया हर शुभ कार्य अक्षय फल प्रदान करता है।
हिंदू धर्म में रामभक्त हनुमान का विशेष स्थान है। संकटमोचन हनुमान को प्रसन्न करने के लिए साल में दो बार हनुमान जयंती का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भक्त हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, सुंदरकांड और वैदिक मंत्रों का जाप करते हैं।
गणगौर व्रत की कथा माता पार्वती की अटूट श्रद्धा और पतिव्रत धर्म का प्रतीक है। माता ने रेत से शिवलिंग बनाकर गुप्त रूप से पूजा की, जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें वरदान दिया कि जो भी स्त्री इस व्रत को करेगी, उसे अटूट सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन प्राप्त होगा।
शीतला अष्टमी, जिसे बसोड़ा भी कहते हैं, माता शीतला को समर्पित एक पवित्र पर्व है। यह होली के बाद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। कुछ स्थानों पर इसे होली के आठ दिन बाद पहले सोमवार या शुक्रवार को भी मनाते हैं।
मार्च 2026 के चौथे हफ्ते में कई महत्वपूर्ण व्रत और धार्मिक तिथियां पड़ने वाली हैं। जिनमें वासुदेव चतुर्थी, लक्ष्मी पंचमी, राम नवमी, कामदा एकादशी, सोम प्रदोष व्रत और अन्य शामिल हैं।
मार्च 2026 के तीसरे हफ्ते में कई महत्वपूर्ण व्रत और धार्मिक तिथियां पड़ने वाली हैं। जिनमें कृष्ण नृसिंह द्वादशी, पापमोचनी एकादशी, गुड़ी पड़वा, चैत्र नवरात्रि, गणगौर और अन्य शामिल हैं।
फरवरी का दूसरा हफ्ता व्रत और त्योहारों के मामले में सामान्य रहने वाला है। जिनमें रंग पंचमी, शीतला सप्तमी, शीतला अष्टमी, कालाष्टमी और मासिक कृष्ण जन्माष्टमी शामिल है।
मार्च 2026 के पहले हफ्ते में कई महत्वपूर्ण व्रत और धार्मिक तिथियां पड़ने वाली हैं। जिनमें रवि प्रदोष व्रत, फाल्गुन चौमासी चौदस, होलिका दहन, चैत्र प्रारंभ, भाई दूज और अन्य शामिल हैं।