रोम रोम में बस हुआ है एक उसी का नाम(Rom Rom Me Basa Hua Hai Ek Usi Ka Naam)

रोम रोम में बसा हुआ है,

एक उसी का नाम,

तू जपले राम राम राम,

तू भजले राम राम राम,

रोम रोम में बसा हुआ हैं ॥


लोभ और अभिमान छोड़िए,

छोड़ जगत की माया,

मन की आँखे खोल देख,

कण कण में वही समाया,

जहाँ झुकाए सर तू अपना,

वही पे उनका धाम,

तू जपले राम राम राम,

तू भजले राम राम राम,

रोम रोम में बसा हुआ हैं ॥


ये मत सोच जहाँ मंदिर है,

वही पे दीप जलेंगे,

जहाँ पुकारेगा तू उनको,

वही पे राम मिलेंगे,

दर दर भटक रहा क्यों प्राणी,

उन्ही का दामन थाम,

तू जपले राम राम राम,

तू भजले राम राम राम,

रोम रोम में बसा हुआ हैं ॥


ये संसार के नर और नारी,

देवी देवता सारे,

नहीं चला है कोई यहाँ पे,

उनके बिना इशारे,

वो चाहे सूरज निकले,

वो चाहे तो ढलती शाम,

तू जपले राम राम राम,

तू भजले राम राम राम,

रोम रोम में बसा हुआ हैं ॥


रोम रोम में बसा हुआ है,

एक उसी का नाम,

तू जपले राम राम राम,

तू भजले राम राम राम,

रोम रोम में बसा हुआ हैं ॥

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रंग पंचमी कब है और इसका महत्व

रंग पंचमी भारत में मनाया जाने वाला एक प्रमुख पर्व है, जिसे होली के पांचवें दिन उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाता है। यह केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व से भी जुड़ा हुआ है।

मासिक शिवरात्रि की पूजा विधि

मासिक शिवरात्रि व्रत काफ़ी शुभ माना जाता है। यह त्योहार हर मास कृष्ण पक्ष के 14वें दिन मनाया जाता है। इस बार यह व्रत शुक्रवार, 29 नवंबर 2024 के दिन मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो भक्त इस तिथि पर व्रत रखते हैं और पूजा करते हैं, उन्हें सुख-शांति और धन-वैभव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। कहा जाता है कि शिव जी की कृपा प्राप्त करने के लिए यह व्रत काफ़ी महत्वपूर्ण है।

बोल पिंजरे का तोता राम (Bol Pinjare Ka Tota Ram)

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त्रिलोचनाये शूलपाणी चंद्र शेखराये,

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