राम नाम लड्डू, गोपाल नाम घी(Ram Naam Ladd, Gopal Naam Gee)

जय सीता राम की। जय राधे श्याम की ॥

राम नाम लड्डू, गोपाल नाम घी ।

हरि नाम मिश्री, तू घोल-घोल पी ॥... x3


हरे रामा, हरे रामा, रामा-रामा हरे-हरे ।

हरे कृष्णा, हरे कृष्णा, कृष्णा-कृष्णा हरे-हरे ॥


राम जीवन में तो, श्याम जी घर में ।

काटते हैं भक्तों के, संकट क्षण में ॥... x2

ध्यान से सुनो, यह बात बड़ी काम की ।

हरि नाम मिश्री, तो घोल घोल पी ॥

॥ राम नाम लड्डू...॥


हरे रामा, हरे रामा, रामा-रामा हरे-हरे ।

हरे कृष्णा, हरे कृष्णा, कृष्णा-कृष्णा हरे-हरे ॥


राम राम राम ,रटो श्याम श्याम, श्याम रे ।

आयेगा अंत समय, बस यही काम रे ॥... x2

जय बोलो राम जी की,जय बोलो श्याम जी की ।

हरि नाम मिश्री तो घोल घोल पी ॥

॥ राम नाम लड्डू...॥


हरे रामा, हरे रामा, रामा-रामा हरे-हरे ।

हरे कृष्णा, हरे कृष्णा, कृष्णा-कृष्णा हरे-हरे ॥


मर्यादा पुरुषोत्तम, हैं श्री राम जी ।

प्रेम के सागर है, प्यारे घनश्याम जी ॥ ... x2

माला जपो सुबह शाम, इनकी नाम की ।

हरि नाम मिश्री तो घोल घोल पी ॥

॥ राम नाम लड्डू...॥


हरे रामा, हरे रामा, रामा-रामा हरे-हरे ।

हरे कृष्णा, हरे कृष्णा, कृष्णा-कृष्णा हरे-हरे ॥


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मुंडन संस्कार पूजा विधि

मुंडन संस्कार हिंदू धर्म के सबसे पवित्र संस्कारों में से एक हैं। इसे बच्चे के जन्म के एक निश्चित समय बाद पूरा किया जाना होता है। यह संस्कार बच्चे के जीवन में एक नया चरण शुरू करने का प्रतीक होता है।

सांवरे को दिल में बसा के तो देखो(Sanware Ko Dil Me Basa Kar To Dekho)

कर्ता करे ना कर सके,
पर गुरु किए सब होये ।

गुप्त नवरात्रि में देवी पूजा कैसे करें

यूं तो नवरात्रि पूरे साल मे 4 बार आती है। चैत्र और शारदीय नवरात्रि के अलावा दो नवरात्रि माघ और आषाढ़ के समय मनाई जाती है। जिन्हें गुप्त नवरात्रि के रूप मे जाना जाता है।

सारे तीर्थ धाम आपके चरणो में(Sare Tirath Dham Apke Charno Me)

सारे तीर्थ धाम आपके चरणो में ।
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो में ।

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