मुझे राधे नाम सुनाई दे (Mujhe Radhe Naam Sunai De)

राधे राधे! जय श्री राधे राधे...


चितचोर बड़ा तू छलिया

बिंद्रावन कि यह गलियां।

चितचोर बड़ा तू छलिया

बिंद्रावन कि यह गलियां।


तेरी बाकी बाकी सोणी सोणी

तेरी बाकी बाकी सोणी सोणी

चितवन श्याम दिखाई दे


मुझे राधे राधे! मुझे राधे राधे!

मुझे राधे राधे राधे राधे राधे नाम सुनाई दे

मुझे राधे राधे राधे राधे राधे नाम सुनाई दे

मुझे राधे राधे राधे राधे राधे नाम सुनाई दे


टेढ़ी वह मटक बाकी से लटक मुस्कान है अधरों की

पथ भूले पथिक कहते हैं रसिक क्या बात है नजरों की


दीदार करे जो घायल हो जाता तेरा वह कायल

तेरी बाकी बाकी सोणी सोणी...

चितवन श्याम दिखाई दे

॥ मुझे राधे राधे! मुझे राधे राधे...॥


तेरी मधुर बड़ी मुस्कान चैन मेरे मन का ले लेगी

उस पर मुरली की तान मुझे यह मार ही डालेगी


छम छम करती है पायल- झूमे लहरी दिल पागल

तेरी बाकी बाकी सोणी सोणी

चितवन श्याम दिखाई दे

॥ मुझे राधे राधे! मुझे राधे राधे...॥


मुझे राधे राधे! मुझे राधे राधे!

मुझे राधे राधे राधे राधे राधे नाम सुनाई दे

मुझे राधे राधे राधे राधे राधे नाम सुनाई दे

मुझे राधे राधे राधे राधे राधे नाम सुनाई दे


........................................................................................................
बच्छ बारस शुभ मूहूर्त, पूजा विधि (Bachh Baras Shubh Muhrat, Puja Vidhi)

बच्छ बारस जिसे गोवत्स द्वादशी भी कहा जाता है। ये पर्व आगामी 28 अक्टूबर 2024 को मनाया जाएगा।

माघ गुप्त नवरात्रि धन प्राप्ति उपाय

माघ गुप्‍त नवरात्र‍ि की शुरुआत 30 जनवरी 2025 से हो रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल 2 बार गुप्त नवरात्र का त्योहार मनाया जाता है।

कौन थे भीष्म के 7 भाई?

भीष्म पितामह गंगा और महाराज शांतनु के आठवें पुत्र थे। गंगा ने अपने पहले सात पुत्रों को जन्म लेते ही नदी में प्रवाहित कर दिया था। इसके पीछे एक पौराणिक कथा जुड़ी हुई है।

सत्यनारायण व्रत विधि

भगवान सत्यनारायण, भगवान विष्णु का ही स्वरूप हैं। सत्यनारायण की पूजा का असल अर्थ है 'सत्य की नारायण के रूप' में पूजा। भगवान सत्यनारायण व्रत हिंदू धार्मिक मान्यता में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।