मेरे सरकार आये है(Mere Sarkar Aaye Hain)

सजा दो घर को गुलशन सा,

मेरे सरकार आये है,

मेरे सरकार आये है,

लगे कुटिया भी दुल्हन सी,

लगे कुटिया भी दुल्हन सी,

मेरे सरकार आये है,

सजा दो घर को गूलशन सा,

मेरे सरकार आये है ॥


पखारो इनके चरणो को,

बहा कर प्रेम की गंगा,

बहा कर प्रेम की गंगा,

बिछा दो अपनी पलको को,

मेरे सरकार आये है,

सजा दो घर को गूलशन सा,

मेरे सरकार आये है ॥


सरकार आ गए है मेरे गरीब खाने मे,

आया है दिल को सुकून उनके करीब आने में,

मुद्द्त से प्यासी अखियो को मिला आज वो सागर,

भटका था जिसको पाने के खातिर इस ज़माने में ॥


उमड़ आई मेरी आँखे,

देख कर अपने बाबा को,

देख कर अपने बाबा को,

हुई रोशन मेरी गलियां,

मेरे सरकार आये है,

सजा दो घर को गूलशन सा,

मेरे सरकार आये है ॥


तुम आकर फिर नहीं जाना,

मेरी इस सुनी दुनिया से,

मेरी इस सुनी दुनिया से,

कहूँ हर दम यही सब से,

मेरे सरकार आये है,

सजा दो घर को गूलशन सा,

मेरे सरकार आये है ॥


सजा दो घर को गुलशन सा,

मेरे सरकार आये है,

मेरे सरकार आये है,

लगे कुटिया भी दुल्हन सी,

लगे कुटिया भी दुल्हन सी,

मेरे सरकार आये है,

सजा दो घर को गूलशन सा,

मेरे सरकार आये है ॥

........................................................................................................
भगवान श्रीकृष्ण की पूजा विधि

श्रीकृष्ण पूजन हिन्दू धर्म की एक महत्वपूर्ण परंपरा है, जिसमें भक्ति और पवित्रता का संगम होता है। इसे विशेषकर जन्माष्टमी या किसी शुभ अवसर पर किया जाता है।

बिगड़ी बनाने आजा, एक बार मेरी मैया (Bigdi Banane Aaja Ek Baar Meri Maiya)

फूलों से सजाया है,
दरबार मेरी मैया,

दिवाली 2024 तिथि: दिवाली कब है? 31 अक्टूबर या 1 नवंबर

दीपावली या दिवाली हिंदुओं के सबसे बड़े त्योहारों में एक है। यह त्योहार भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में बसे हिंदुओं के बीच श्रद्धा भक्ति और हर्षोल्लास से मनाया जाता है।

मैया के चरणों में, झुकता है संसार (Maiya Ke Charno Me Jhukta Hai Sansar)

मैया के चरणों में,
झुकता है संसार,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने