मारने वाला है भगवान, बचाने वाला है भगवान (Marne Wala Hai Bhagwan Bachane Wala Hai Bhagwan)

श्रद्धा रखो जगत के लोगो,

अपने दीनानाथ में ।

लाभ हानि जीवन और मृत्यु,

सब कुछ उस के हाथ में ॥


मारने वाला है भगवान,

बचाने वाला है भगवान ।

बाल ना बांका होता उसका,

जिसका रक्षक दयानिधान ॥


त्याग दो रे भाई फल की आशा,

स्वार्थ बिना प्रीत जोड़ो ।

कल क्या होगा इस की चिंता,

जगत पिता पर छोड़ो ।

क्या होनी है क्या अनहोनी,

सब का उसको ज्ञान ॥


मारने वाला है भगवान,

बचाने वाला है भगवान ।

बाल ना बांका होता उसका,

जिसका रक्षक दयानिधान ॥


जल थल अगन आकाश पवन पर,

केवल उसकी सत्ता।

प्रभु इच्छा बिना यहाँ पर,

हिल ना सके एक पत्ता ।

उसी का सौदा यहाँ पे होता,

उस की शक्ति महान ॥


मारने वाला है भगवान,

बचाने वाला है भगवान ।

बाल ना बांका होता उसका,

जिसका रक्षक दयानिधान ॥

........................................................................................................
श्री बद्रीनाथजी जी की आरती (Shri Badrinath Ji Ki Aarti)

पवन मंद सुगंध शीतल, हेम मंदिर शोभितम्,
निकट गंगा बहत निर्मल, श्री बद्रीनाथ विश्वम्भरम्।

विनायक चतुर्थी शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

भगवान गणेश को प्रथम पूज्य माना जाता है। विनायक चतुर्थी, उन्हीं को समर्पित एक त्योहार है। यह फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है।

सभकेर सुधि अहाँ लै छी हे अम्बे (Sabker Sudhi Aahan Lai Chhi He Ambe)

सभकेर सुधि अहाँ लै छी हे अम्बे
हमरा किए बिसरै छी हे

आरती श्रीमद भगवद गीता की (Aarti Shrimad Bhagavad Geeta Ki)

जय भगवद् गीते, माता जय भगवद् गीते।
हरि हिय कमल विहारिणि, सुन्दर सुपुनीते॥

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने