मैया मैं तेरी पतंग (Maiya Main Teri Patang)

मैया मैं तेरी पतंग,

हवा विच उडदी जावांगी,

मैया डोर हाथों छड्डी ना,

मैं कट्टी जावांगी,

मईया मैं तेरी पतंग,

दाती मैं तेरी पतंग ॥


बड़ी मुश्किल दे नाल मिलया,

मैनु तेरा द्वारा ऐ,

मैनु तेरा द्वारा ऐ,

मैनु इको तेरा आसरा,

नाल तेरा सहारा ऐ,

नाल तेरा सहारा ऐ,

हूण तेरे ही भरोसे,

हूण तेरे ही भरोसे,

हवा विच उडदी जावांगी,

मैया डोर हाथों छड्डी ना,

मैं कट्टी जावांगी,

मईया मैं तेरी पतंग,

दाती मैं तेरी पतंग ॥


इहना चरणा कमला नालो,

मैनु दूर हटावी ना,

मैनु दूर हटावी ना,

इस झूठे जग दे अंदर,

मेरा पेचा लायी ना,

मेरा पेचा लायी ना,

जे कट गई ता दाती,

जे कट गई ता दाती,

फिर मैं लुट्टी जावांगी,

मैया डोर हाथों छड्डी ना,

मैं कट्टी जावांगी,

मईया मैं तेरी पतंग,

दाती मैं तेरी पतंग ॥


मैया मैं तेरी पतंग,

हवा विच उडदी जावांगी,

मैया डोर हाथों छड्डी ना,

मैं कट्टी जावांगी,

मईया मैं तेरी पतंग,

दाती मैं तेरी पतंग ॥

........................................................................................................
शिव अद्भुत रूप बनाए (Shiv Adbhut Roop Banaye)

शिव अद्भुत रूप बनाए,
जब ब्याह रचाने आए ॥

होली पर गुजिया क्यों बनाई जाती है

हर घर में होली के मौके पर गुजिया बनाई और खाई जाती है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि होली पर गुजिया बनाने की परंपरा क्यों है? इसके पीछे एक दिलचस्प पौराणिक कथा और ऐतिहासिक महत्व छिपा हुआ है। तो आइए जानते हैं कि होली पर गुजिया क्यों बनाई जाती है और इसके पीछे की कहानियां क्या हैं।

सावन की बरसे बदरिया(Sawan Ki Barse Badariya Maa Ki Bhingi Chunariya)

सावन की बरसे बदरिया
सावन की बरसे बदरिया,

हरि तुम हरो जन की भीर(Hari Tum Haro Jan Ki Bhir)

हरि तुम हरो जन की भीर।
द्रोपदी की लाज राखी, तुम बढ़ायो चीर॥

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने