झंडा बजरंग बली का (Jhanda Bajrangbali Ka)

लहर लहर लहराए रे,

झंडा बजरंग बली का,

लहर लहर लहराए रै,

झंडा बजरंग बली का,

बजरंग बली का,

झंडा बजरंग बली का,

लहर लहर लहराए रे,

झंडा बजरंग बली का ॥


लहर लहर झंडा खाटूश्याम पहुँचा,

कीर्तन की शोभा बढ़ाये रे,

झंडा बजरंग बली का,

लहर लहर लहराए रे,

झंडा बजरंग बली का ॥


लहर लहर झंडा मेहंदीपुर से पहुँचा,

भक्तों के कष्ट मिटाये रे,

झंडा बजरंग बली का,

लहर लहर लहराए रे,

झंडा बजरंग बली का ॥


लहर लहर झंडा सालासर से पहुँचा,

‘शुभम’ की बिगड़ी बनाये रे,

झंडा बजरंग बली का,

लहर लहर लहराए रे,

झंडा बजरंग बली का,

लहर लहर लहराए रे,

झंडा बजरंग बली का ॥

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म्हारा सालासर का बाला, ओ जी अंजनी माँ का लाला(Mhara Salasar Ka Bala O Ji Anjani Maa Ka Lala)

म्हारा सालासर का बाला,
ओ जी अंजनी माँ का लाला,

तू महलों में रहने वाली (Tu Mahalon Main Rahne Wali)

तू महलों में रहने वाली
मैं जोगी जट्टा धारी हूँ

वृन्दावन के ओ बांके बिहारी (Vrindavan Ke O Banke Bihari )

वृन्दावन के ओ बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ॥

गणाधिप संकष्टी चतुर्थी, पूजा विधि

हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, चतुर्थी तिथि भगवान गणेश की तिथि है और इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से ज्ञान, बुद्धि और समृद्धि प्राप्त होती है। इस दिन भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए व्रत भी रखा जाता है।

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