जेल में प्रकटे कृष्ण कन्हैया (Jail Main Prakate Krishn Kanhaiya)

जेल में प्रकटे कृष्ण कन्हैया,

सबको बहुत बधाई है,

बहुत बधाई है,

सबको बहुत बधाई है,

जेल में प्रकटे कृष्ण कन्हैंया,

सबको बहुत बधाई है ॥


मात-पिता को सब समझाया,

मैं हू लीला करने आया,

जैसा कहु वैसा ही करना,

जगत भलाई है ॥

॥ जेल में प्रकटे कृष्ण कन्हैंया...॥


कैसा किया है जादू कमाल,

छोटे बन गये लड्डू गोपाल,

देखो अंगूठा चूसते,

मोहनी सूरत बनाई है ॥

॥ जेल में प्रकटे कृष्ण कन्हैंया...॥


बारिश पड़ रही मूसलाधार,

शेष नाग है सेवा दार,

यमूना जी की बाढ़,

ना जाने कहा समाई है ॥

॥ जेल में प्रकटे कृष्ण कन्हैंया...॥


जेल में प्रकटे कृष्ण कन्हैया,

सबको बहुत बधाई है,

बहुत बधाई है,

सबको बहुत बधाई है,

जेल में प्रकटे कृष्ण कन्हैंया,

सबको बहुत बधाई है ॥


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हनुमान जी मिलेंगे, राम राम बोल (Hanuma Ji Milenge Ram Ram Bol)

हनुमान जी मिलेंगे,
राम राम बोल,

दया कर दान विद्या का(Daya Kar Daan Vidya Ka Hume Parmatma Dena)

दया कर दान विद्या का,
हमें परमात्मा देना,

मेरे उठे विरह में पीर(Mere Uthe Virah Me Pir)

मेरे उठे विरह में पीर,
सखी वृन्दावन जाउंगी ॥

मोहन से दिल क्यूँ लगाया है(Mohan Se Dil Kyun Lagaya Hai)

मोहन से दिल क्यूँ लगाया है,
ये मैं जानू या वो जाने,

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