जगन्नाथ भगवान जी का भजन (Jagannath Bhagwan Ji Ka Bhajan)

जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ


चारों धाम में सबसे बड़ा है ,जगन्नाथ धाम

जगन्नाथ भगवान की, महिमा अपरम्पार

भक्तों को दर्शन देते,करते उनके काम।

कर लो भक्तों ,जगन्नाथ का ध्यान बारंबार।


जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ


भज लो रे भक्तों जगन्नाथ को

तर जाओगे भव सागर पार।

तन मन जीवन अर्पण कर दो

प्रभु की , लीला अपरम्पार।


जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ


सात पुरियों में एक है ,जगन्नाथ पुरी धाम

जगन्नाथ के भात को ,जगत पसारे हाथ।

करलो भक्तों महाप्रभु के ,दर्शन बारंबार

जहां विराजे जगन्नाथ ,बलभद्र ,सुभद्रा साथ।


जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ जगन्नाथ

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वृश्चिक संक्रांति पर विशेष योग

हर संक्रांति में भगवान सूर्य की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, इसलिए इसे संक्रांति कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन सूर्य भगवान की पूजा करने से धन और वैभव की प्राप्ति होती है

गोवर्धन पूजा की कथा

गोवर्धन पूजा एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है, जो भगवान कृष्ण की महिमा और उनके भक्तों के प्रति उनके प्रेम का उत्सव मनाता है। इस त्योहार के दौरान, एक पारंपरिक प्रथा है जिसमें गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाई जाती है।

हम नैन बिछाए हैं, हे गणपति आ जाओ (Hum Nain Bichaye Hai Hai Ganpati Aa Jao)

हम नैन बिछाए है,
हे गणपति आ जाओ ॥

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