हम नैन बिछाए हैं, हे गणपति आ जाओ (Hum Nain Bichaye Hai Hai Ganpati Aa Jao)

हम नैन बिछाए है,

हे गणपति आ जाओ ॥


गणपति तुम हो बड़े दयालु,

किरपा कर दो हे किरपालु,

हर सांस बुलाए है,

हे गणपति आ जाओ,

हम नैन बिछाए ,

हे गणपति आ जाओ ॥


पाप की गठरी सर पे भारी,

हम को है बस आस तुम्हारी,

बड़ा मन घबराए है,

हे गणपति आ जाओ,

हम नैन बिछाए है,

हे गणपति आ जाओ ॥


जग से हमने तोडा नाता,

गणपति तुमसे जोड़ा नाता,

तुझे नैना निहारे है,

हे गणपति आ जाओ,

हम नैन बिछाए हैं,

हे गणपति आ जाओ ॥


माथे पर सिंदूर है प्यारा,

पीताम्बर है तन पर धारा,

सब आस लगाए है,

हे गणपति आ जाओ,

हम नैन बिछाए हैं,

हे गणपति आ जाओ ॥

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अनंग त्रयोदशी जोड़ों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

अनंग त्रयोदशी का व्रत हर साल मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। 2024 में यह व्रत 13 दिसंबर को पड़ेगा। इस दिन प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा, जो मार्गशीर्ष महीने का आखिरी प्रदोष व्रत है।

हो लाल मेरी पत रखियो बला - दमादम मस्त कलन्दर (O Lal Meri Pat Rakhiyo Bala Duma Dum Mast Kalandar)

ओ हो, हो हो हो
हो लाल मेरी पत रखियो बला झूले लालण

तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे बलिहार(Teri Mand Mand Mushakniya Pe Balihar)

तेरी मंद-मंद मुस्कनिया पे,
बलिहार संवारे जू ।

ओ मैया तेरा मुझको, दीदार हो जाए (O Maiya Tera Mujhko Deedar Ho Jaye)

ओ मैया तेरा मुझको,
दीदार हो जाए,

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