गोविंद चले आओ, गोपाल चले आओ (Govind Chale Aao, Gopal Chale Aao)

गोविंद चले आओ,

गोपाल चले आओ,

गोविंद चले आओ,

गोपाल चले आओ,

मेरे मुरलीधर माधव,

मेरे मुरलीधर माधव,

नंदलाल चले आओ,

गोविंद चले आओ,

गोपाल चले आओ,

गोविंद चले आओ,

गोपाल चले आओ ॥


आँखों में बसे हो तुम,

धड़कन में धड़कते हो,

कुछ ऐसा करो मोहन,

स्वासों में समां जाओ,

कुछ ऐसा करो मोहन,

स्वासों में समां जाओ,

गोविंद चले आओ,

गोपाल चले आओ ॥


इक शर्त ज़माने से,

प्रभु हमने लगा ली है,

इक शर्त ज़माने से,

प्रभु हमने लगा ली है,

या हमको बुला लो तुम,

या खुद ही चले आओ,

या हमको बुला लो तुम,

या खुद ही चले आओ,

गोविंद चले आओ,

गोपाल चले आओ ॥


तेरे दर्शन को मोहन,

मेरे नैन तरसते है,

तेरे दर्शन को मोहन,

मेरे नैन तरसते है,

तेरे दर्शन को मोहन,

मेरे नैन तरसते है,

तेरे दर्शन को मोहन,

मेरे नैन तरसते है,

गोविंद चले आओ,

गोपाल चले आओ ॥


गोविंद चले आओ,

गोपाल चले आओ,

गोविंद चले आओ,

गोपाल चले आओ,

मेरे मुरलीधर माधव,

मेरे मुरलीधर माधव,

नंदलाल चले आओ,

गोविंद चले आओ,

गोपाल चले आओ,

गोविंद चले आओ,

गोपाल चले आओ ॥

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वृश्चिक संक्रांति का महत्व

वृश्चिक संक्रांति पौराणिक कथाओं के अनुसार एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योंहार है। यह हिंदू संस्कृति में सौर दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भगवान सूर्य जी की पूजा के लिए विशेष माना होता है। वृश्चिक संक्रांति के समय सूर्य उपासना के साथ ही मंगल ग्रह शांति एवं पूजा करने से मंगल ग्रह की कृपा होती है।

मेरे सरकार आये है(Mere Sarkar Aaye Hain)

सजा दो घर को गुलशन सा,
मेरे सरकार आये है,

श्री प्रेतराज चालीसा (Shree Pretraj Chalisa)

गणपति की कर वंदना, गुरू चरनन चितलाये।
प्रेतराज जी का लिखूं, चालीसा हरषाय।

जिस दिल में आपकी याद रहे(Jis Dil Main Aapki Yaad Rahe)

जिस दिल में आपकी याद रहे
प्रभु दिल मेरा वो दिल करदो

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