गणपति राखो मेरी लाज (Ganpati Rakho Meri Laaj)

गणपति राखो मेरी लाज,

गणपति राखो मेरी लाज,

पूरण करियो मेरे काज,

गणपति राखो मेरी लाज,

गणपति राखो मेरी लाज ।


सदा रहो खुशहाल,

गणपति लाल,

जो प्रथमें तुम्हे ध्याए,

रिद्धि सिद्धि के दाता,

भाग्यविधाता हो,

सब कुछ तुझसे पाएं,

विनती सुन लो, मेरी आज,

गणपति राखो मेरी लाज,

गणपति राखो मेरी लाज ।


गणपति राखो मेरी लाज,

गणपति राखो मेरी लाज,

पूरण करियो मेरे काज,

गणपति राखो मेरी लाज,

गणपति राखो मेरी लाज ।


जिसके सर पर हाथ हो,

तेरा नाथ,

उसे फिर कैसा डर है,

जपे जो तेरा नाम,

शुबह और शाम,

तो उसका नाम अमर है,

सब देवों के तुम सरताज़,

गणपति राखो मेरी लाज,

गणपति राखो मेरी लाज ।


गणपति राखो मेरी लाज,

गणपति राखो मेरी लाज,

पूरण करियो मेरे काज,

गणपति राखो मेरी लाज,

गणपति राखो मेरी लाज ।

........................................................................................................
जीवन है तेरे हवाले, मुरलिया वाले (Jeevan Hai Tere Hawale Muraliya Wale)

जीवन है तेरे हवाले,
मुरलिया वाले,

भगवत गीता चालीसा ( Bhagwat Geeta Chalisa )

प्रथमहिं गुरुको शीश नवाऊँ | हरिचरणों में ध्यान लगाऊँ ||१||

भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय महीना है मार्गशीर्ष, जानिए कैसे करें इस माह में उनकी पूजा

मार्गशीर्ष माह कब शुरू हो रहा है? ये श्रीकृष्ण की पूजा के लिए क्यों है खास? इस आलेख में जानें कार्तिक माह के बाद आने वाले मार्गशीर्ष के महत्व और लाभ।

सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को (Suraj Ki Garmi Se Jalte Hue Tan Ko)

जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को मिल जाये तरुवर की छाया,
ऐसा ही सुख मेरे मन को मिला है, मैं जब से शरण तेरी आया। मेरे राम ॥

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने