छोटी सी किशोरी मोरे अंगना मे डोले रे (Chhoti Si Kishori More Angana Me Dole Re)

छोटी सी किशोरी, मोरे अंगना मे डोले रे

छोटी सी किशोरी, मोरे अंगना मे डोले रे


मैने बासों पूछी लाली, कौन तेरो गाव रे

मैने बासों पूछी लाली, कौन तेरो गाव रे

वो तो तोतली बोली बोले मैं तो बरसाने बेटी रे,

छोटी सी किशोरी मोरे अंगना मे डोले रे


मैने बासों पूछी लाली, कहा तिहरा नाम है

मैने बासों पूछी लाली, कहा तिहरा नाम है

हास हास के बटावे वोटो, राधा मेरो नाम रे

छोटी सी किशोरी मोरे अंगना मे डोले रे


मैंने बासों पूछो लाली माखन खाओ गी,

मैंने बासों पूछो लाली माखन खाओ गी,

आहा आहा करके मेरे आगे पीछे धोले रे,

छोटी सी किशोरी मोरे अंगना मे डोले रे


मैने बासों पूछी लाली, कौन तेरो ससुराल रे

मैने बासों पूछी लाली, कौन तेरो ससुराल रे

शर्माके बोली मोसे, नंद गाव ससुराल रे

छोटी सी किशोरी मोरे अंगना मे डोले रे


मैने बासों पूछी लाली, कौन तेरो भरतार रे

मैने बासों पूछी लाली, कौन तेरो भरतार रे

अरे शर्माके यु बोली मोसे, श्याम सुन्दर भरदार है

छोटी सी किशोरी मोरे अंगना मे डोले रे


छोटी सी किशोरी, मोरे अंगना मे डोले रे

छोटी सी किशोरी, मोरे अंगना मे डोले रे

पाओ मे पायलिया बजे, झूम झूमा झूम बोले रे

छोटी सी किशोरी, मोरे अंगना मे डोले रे

पाओ मे पायलिया बजे, झूम झूमा झूम बोले रे

........................................................................................................
न मैं धान धरती न धन चाहता हूँ: कामना (Na Dhan Dharti Na Dhan Chahata Hun: Kamana)

न मैं धान धरती न धन चाहता हूँ ।
कृपा का तेरी एक कण चाहता हूँ ॥

क्या है श्री राधा के पुनर्जन्म की पौराणिक कहानी, राधाष्टमी पर जानें पूजा विधि समेत सभी मान्यताएं

भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी का प्रेम संसार में प्रसिद्द है। दुनिया भर के मंदिरों में जहां भी श्री कृष्ण विराजमान हैं, वहां राधा रानी भी उनके साथ विराजती है।

अरे रे मेरा बजरंग बाला (Are Re Mera Bajrang Bala)

अरे रे मेरा बजरंग बाला,
सभी का है रखवाला,

श्री रानीसती चालीसा (Sri Rani Sati Chalisa)

श्री गुरु पद पंकज नमन, दुषित भाव सुधार I
राणी सती सू विमल यश, बरणौ मति अनुसार II

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने