भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए (Bheja Hai Bulava Tune Shera Waliye)

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए

ओ मैया तेरे दरबार,

में हाँ तेरे दीदार, कि मैं आऊंगा

कभी न फिर जाऊँगा


भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए

ओ मैया तेरे दरबार,


शेरावालिये नी, माता ज्योता वालिए

नी सच्चियाँ ज्योता वालिए, लाटा वालिए


भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए

ओ मैया तेरे दरबार,


तेरे ही दर के हैं हम तो भिखारी,

जाएं कहाँ यह दर छोड़ के, हाँ छोड़के ।

तेरे ही संग बँधी भक्तों ने डोरी,

सारे जहाँ से नाता तोड़ के, हाँ तोड़के ॥


शेरावालिये नी माता ज्योता वालिए

भवना वालिए नी माता लाटा वालिए


भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए

ओ मैया तेरे दरबार,


फूलों में तेरी ही खुशबु है मैया,

चंदा में तेरी ही चांदनी, हाँ चांदनी ।

तेरे ही नूर से है नैनो की ज्योतियाँ,

सूरज में तेरी ही रौशनी, हाँ रौशनी ॥


शेरावालिये नी, माता ज्योता वालिए

नी सच्चियाँ ज्योता वालिए, लाटा वालिए


भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए

ओ मैया तेरे दरबार,


भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए

ओ मैया तेरे दरबार,

में हाँ तेरे दीदार, कि मैं आऊंगा

कभी न फिर जाऊँगा


भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए

ओ मैया तेरे दरबार,


शेरावालिये नी, माता ज्योता वालिए

नी सच्चियाँ ज्योता वालिए, लाटा वालिए

........................................................................................................
माघ पूर्णिमा व्रत विधि

हिंदू धर्म में, पूर्णिमा का विशेष महत्त्व होता है। प्रत्येक महीने में एक बार पूर्णिमा का व्रत आता है। यह माता लक्ष्मी को समर्पित होता है। इस दिन माता लक्ष्मी के साथ-साथ चंद्र देव की पूजा भी की जाती है।

2025 की पहली बैकुंठ एकादशी कब है

सनातन धर्म में बैकुंठ एकादशी का विषेश महत्व है। इस पवित्र दिन पर भगवान श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। साथ मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से व्यक्ति को मृत्यु उपरांत बैकुंठ धाम में स्थान मिलता है।

बड़े मान से जमाना, माँ तुमको पूजता है (Bade Maan Se Zamana Maa Tujhe Pujata Hai)

बड़े मान से जमाना,
माँ तुमको पूजता है,

जो तू मिटाना चाहे, जीवन की तृष्णा (Jo Tu Mitana Chahe Jivan Ki Trishna)

जो तू मिटाना चाहे,
जीवन की तृष्णा,

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने