Chaitra Navratri Mantra: चैत्र नवरात्रि में करें खास मंत्रों से मां दुर्गा का जाप, हर इच्छा होगी पूरी
हर साल चैत्र और शारदीय नवरात्रि में भक्तगण मां दुर्गा की उपासना करते हैं। इन नौ दिनों के दौरान मां के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है और विशेष मंत्रों का जाप किया जाता है। कहा जाता है कि इन मंत्रों के जाप से व्यक्ति की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं और उसे हर प्रकार के संकटों से मुक्ति मिलती है।
इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 30 मार्च से 6 अप्रैल 2025 तक चलेगी। इस लेख में हम मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के मंत्र और उनके लाभों के बारे में विस्तार से जानेंगे।
मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के मंत्र और उनके लाभ
1. मां शैलपुत्री मंत्र
- ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः॥
- वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारूढ़ां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥
- या देवी सर्वभूतेषु माँ शैलपुत्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
2. मां ब्रह्मचारिणी मंत्र
- ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥
- दधाना कर पद्माभ्यामक्षमाला कमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥
- या देवी सर्वभूतेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
3. मां चंद्रघंटा मंत्र
- ॐ देवी चंद्रघंटायै नमः॥
- पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैर्युता। प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता॥
- या देवी सर्वभूतेषु माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
4. मां कूष्मांडा मंत्र
- ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥
- सुरासम्पूर्ण कलशं रुधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥
- या देवी सर्वभूतेषु माँ कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
5. मां स्कन्दमाता मंत्र
• ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः॥
• सिंहासनगता नित्यं पद्माञ्चित करद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥
• या देवी सर्वभूतेषु माँ स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
विशेष मंत्र और उनके लाभ
1. धन प्राप्ति के लिए
- सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वितः, मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥
- लाभ: आर्थिक समस्याओं से मुक्ति और धन की प्राप्ति।
2. संकटों से छुटकारा पाने के लिए
- शरणागतदीनार्तपरित्राणपरायणे, सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमोऽस्तुते॥
- लाभ: जीवन की सभी परेशानियों से मुक्ति।
3. सौभाग्य और आरोग्य के लिए
- देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्, रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥
- लाभ: उत्तम स्वास्थ्य और सौभाग्य की प्राप्ति।
4. संपूर्ण कल्याण के लिए
- सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके, शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
- लाभ: संपूर्ण कल्याण और सुख-समृद्धि।
नवरात्रि में मंत्र जाप की विधि
- नवरात्रि में सुबह और शाम मां दुर्गा के समक्ष दीप जलाकर मंत्रों का जाप करें।
- मंत्र जाप कम से कम 108 बार करें।
- दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है।
- नौ दिनों तक व्रत रखकर मां की उपासना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।