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हिन्दू धर्म में चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाने वाला राम नवमी पर्व एक प्रमुख त्योहार है। इस त्योहार को हिन्दू धर्म के लोग प्रभु श्रीराम की जयंती के रूप में मनाते हैं। ऐसी पौराणिक मान्यता है कि आज ही के दिन अयोध्या के राजा दशरथ और माता कौशल्या के आंगन में भगवान राम का जन्म हुआ था। आइए, इस आर्टिकल में हम आपको बताते हैं कि इस दिन हमें कौन से ऐसे 5 उपाय करने चाहिए जिससे प्रभु श्रीराम हमारे घर आएंगे और हमारा आंगन सजाएंगे।
ऐसी मान्यता है कि राम नवमी के दिन श्रद्धालु को महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण का पाठ जरूर करना चाहिए। रामायण का पाठ करने से घर में किसी प्रकार की सुख-समृद्धि की कमी नहीं होती है। घर हमेशा धनों से पूर्ण रहता है। साथ ही व्यक्ति के पाप मिट जाते हैं और वह पापरहित हो जाता है।
अगर आप लम्बे समय से किसी बीमारी के पीड़ित है और वह बीमारी आपका पीछा नहीं छोड़ रही है तो राम नवमी के दिन आपको भगवान श्रीराम के बेहत प्रिय भगवान हनुमान जी के चालीसा का पाठ करना चाहिए। ज्ञात हो कि अगर आप राम नवमी के दिन सूर्यास्त के समय किसी मंदिर में जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं तो आप अपनी बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार अगर आप लम्बे समय से संतान सुख से वंचित हैं और संतान प्राप्ति चाहते हैं तो आपको राम नवमी के दिन 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करना चाहिए। साथ ही ध्यान रहे कि इस दिन किसी मंदिर में जाएं और एक नारियल लें और उसे लाल रंग के वस्त्र में लपेटकर माता सीता को अर्पित कर दें। इसके बाद 108 बार इस मंत्र का जाप करें।
भगवान श्रीराम की जयंती के दिन अगर आप 'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं रामचन्द्राय श्रीं नमः' मंत्र का 108 बार मंत्रोच्चारण या जाप करते हैं तो इससे घर में अगर कोई वास्तु दोष होता है तो वह समाप्त हो जाता है। ज्ञात हो कि इस दिन आप गंगाजल लेकर इस मंत्र का जाप करें और उसके बाद पूरे घर में उस गंगाजल को छिड़क दें।
उपरोक्त चार उपायों के अलावा आप राम नवमी के दिन अपने घर के मुख्य द्वार पर 11 दीपक प्रज्वलित करें। इससे आपको धन-समृद्धि में बढ़ोतरी होगी।
बहरहाल, राम नवमी के दिन प्रातःकाल उठकर स्नान करने के बाद पूजा-अर्चना करें और इन सभी उपायों को करें। इसके बाद आपके जीवन में जो भी परेशानियाँ होंगी वो सभी समाप्त हो जाएंगी और आपको सुख-समृद्धि की प्राप्ति होगी।