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यशोमती नन्दन बृजबर नागर (Yashomati Nandan Brijwar Nagar)

यशोमती नन्दन बृजबर नागर,

गोकुल रंजन कान्हा,

गोपी परण धन मदन मनोहर,

कालिया दमन विधान ।

यशोमति नन्दन बृजबर नागर,

गोकुल रंजन कान्हा ॥


अमलहरी नाम अमिय विलासा,

विपिन पुरंदर नवीन नगरबर,

बंशी बदन सुबासा ।

यशोमति नन्दन बृजबर नागर,

गोकुल रंजन कान्हा ॥


बृजजन पालन असुर कुल नाशन,

नन्द गोधन रखवाला,

गोविन्द माधव नवनीत तस्कर,

सुन्दर नन्द गोपाला ।

यशोमति नन्दन बृजबर नागर,

गोकुल रंजन कान्हा ॥


जामुन तट चल गोपी बसन हर,

रास रसिक कृपामय,

श्री राधावल्लभ बृन्दावन नटवर,

भकती विनोदाश्रय ।

यशोमति नन्दन बृजबर नागर,

गोकुल रंजन कान्हा ॥


यशोमती नन्दन बृजबर नागर,

गोकुल रंजन कान्हा,

गोपी परण धन मदन मनोहर,

कालिया दमन विधान ।

यशोमति नन्दन बृजबर नागर,

गोकुल रंजन कान्हा ॥


हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे,

हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ।


हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे,

हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ।

श्री नवग्रह चालीसा (Shri Navgraha Chalisa)

श्री गणपति गुरुपद कमल, प्रेम सहित सिरनाय ।
नवग्रह चालीसा कहत, शारद होत सहाय ॥

ब्रज की होली

होली भारत में रंगों का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है, लेकिन जब ब्रज की होली की बात आती है, तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। मथुरा, वृंदावन, नंदगांव और बरसाना में यह पर्व अनोखे अंदाज में मनाया जाता है। श्रीकृष्ण और राधा की प्रेम लीलाओं से जुड़े इस उत्सव में भक्ति, संगीत, नृत्य और उल्लास का अद्भुत मेल देखने को मिलता है।

राधे ब्रज जन मन सुखकारी(Radhe Braj Jan Man Sukhakari)

राधे ब्रज जन मन सुखकारी,
राधे श्याम श्यामा श्याम

ब्रजराज ब्रजबिहारी! इतनी विनय हमारी (Brajaraj Brajbihari Itni Vinay Hamari)

ब्रजराज ब्रजबिहारी, गोपाल बंसीवारे
इतनी विनय हमारी, वृन्दा-विपिन बसा ले

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