नवीनतम लेख

यशोमती मैया से बोले नंदलाला (Yashomati Maiyya Se Bole Nandlala)

यशोमती मैया से बोले नंदलाला

राधा क्यों गोरी मैं क्यों काला ॥

यशोमती मैया से बोले नंदलाला॥


बोली मुस्काती मैया, ललन को बताया

कारी अंधियरी आधी रात में तू आया

लाडला कन्हैया मेरा, काली कमली वाला

इसीलिए काला ॥


यशोमती मैया से बोले नंदलाला

राधा क्यों गोरी मैं क्यों काला ॥


बोली मुस्काती मैया, सुन मेरे प्यारे

गोरी गोरी राधिका के नैन कजरारे

काले नैनों वाली ने, ऐसा जादू डाला

इसीलिए काला ॥


यशोमती मैया से बोले नंदलाला

राधा क्यों गोरी मैं क्यों काला ॥


इतने में राधा प्यारी, आई इठलाती

मैंने न जादू डाला, बोली बलखाती

मैय्या कन्हैया तेरा हो, जग से निराला

इसीलिए काला॥


यशोमती मैया से बोले नंदलाला

राधा क्यों गोरी मैं क्यों काला ॥

गणेश चतुर्थी व्रत कथा

गणेश चतुर्थी को गणपति जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन संपूर्ण विधि-विधान के साथ घर में एक दिन, दो दिन, तीन दिन या फिर 9 दिनों के लिए गणेश जी की स्थापना की जाती है।

श्री रामायण जी की आरती (Shri Ramayan Ji Ki Aarti)

आरती श्री रामायण जी की।
कीरति कलित ललित सिया-पी की॥

काहे तेरी अखियों में पानी (Kahe Teri Akhiyo Me Pani)

काहे तेरी अखियों में पानी,
काहें तेरी अखियों में पानी,

होलिका दहन के दौरान ना करें ये गलती

होलिका दहन का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करने के लिए होलिका दहन किया जाता है।

यह भी जाने