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यशोदा जायो ललना मैं वेदन में सुन आई (Yashoda Jaayo Lalna Mai Vedan Me Sun Aayi)

यशोदा जायो ललना,

मैं वेदन में सुन आई,

मैं वेदन में सुन आई,

पुराणन में सुन आई,

यशोदा जायों ललना,

मैं वेदन में सुन आई ॥


मथुरा या ने जन्म लियो है,

मथुरा या ने जन्म लियो है,

गोकुल में झूले पलना,

मैं वेदन में सुन आई,

यशोदा जायों ललना,

मैं वेदन में सुन आई ॥


ले वसुदेव चले गोकुल को,

ले वसुदेव चले गोकुल को,

यमुना ने धोए चरणा,

मैं वेदन में सुन आई,

यशोदा जायों ललना,

मैं वेदन में सुन आई ॥


रत्न जड़ित या को बनो है पालना,

रत्न जड़ित या को बनो है पालना,

रेशम के लागे घूघरा,

मैं वेदन में सुन आई,

यशोदा जायों ललना,

मैं वेदन में सुन आई ॥


चन्द्रसखी भज बाल कृष्ण छवि,

चन्द्रसखी भज बाल कृष्ण छवि,

चिर जीवे तेरो ललना,

मैं वेदन में सुन आई,

यशोदा जायों ललना,

मैं वेदन में सुन आई ॥


यशोदा जायो ललना,

मैं वेदन में सुन आई,

मैं वेदन में सुन आई,

पुराणन में सुन आई,

यशोदा जायों ललना,

मैं वेदन में सुन आई ॥

आखिर यमुना में ही क्यों छुपा था कालिया नाग

भक्त वत्सल की जन्माष्टमी स्पेशल सीरीज के एक लेख में हमने आपको बताया था कि कैसे भगवान श्रीकृष्ण ने यमुना में कूदकर कालिया नाग से युद्ध किया था। क्योंकि उसके विष से यमुना जहरीली हो रही थी।

रवि प्रदोष व्रत शाम में पूजा

हिंदू धर्म में अनेक तीथियां जो बेहद पावन मानी गई है उनमें से ही एक है त्रयोदशी तिथि। यह तिथि भगवान शिव को समर्पित होती है। इस दिन साधक प्रदोष व्रत रखते हैं।

रमतो भमतो जाय, आज माँ नो गरबो(Ramto Bhamto Jay Aaj Maa No Garbo)

रमतो भमतो जाय,
आज माँ नो गरबो रमतो जाय,

हे मुरलीधर छलिया मोहन (Hey Muralidhar Chhaliya Mohan)

हे मुरलीधर छलिया मोहन,
हम भी तुमको दिल दे बैठे,

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