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तुम्ही मेरी नइया, किनारा तुम्ही हो (Tumhi Meri Naiya Kinara Tumhi Ho)

तुम्ही मेरी नइया,

किनारा तुम्ही हो,

मेरी जिंदगी का,

सहारा तुम्ही हो,

तुम्ही मेरी नईया,

किनारा तुम्ही हो ॥


ये नर तन का चोला,

बनाया है तुमने,

सभी अंग ढ़ंग से,

सजाया है तुमने,

तुम्ही मेरी नजरें प्रभुजी,

नजारा तुम्ही हो,

मेरी जिंदगी का,

सहारा तुम्ही हो,

तुम्ही मेरी नईया,

किनारा तुम्ही हो ॥


तुम्ही सूर्य बनकर,

चमकते हो प्यारे,

तुम्ही बिजली बनकर,

कड़कते हो प्यारे,

तुम्ही चाँद तारे प्रभुजी,

सितारा तुम्ही हो,

मेरी जिंदगी का,

सहारा तुम्ही हो,

तुम्ही मेरी नईया,

किनारा तुम्ही हो ॥


तुम्ही बनके बादल,

बरसते हो प्यारे,

तुम्ही फूल बनकर,

महकते हो प्यारे,

नदी सिंधु सागर की,

धारा तुम्ही हो,

मेरी जिंदगी का,

सहारा तुम्ही हो,

तुम्ही मेरी नईया,

किनारा तुम्ही हो ॥


कृपा कोप करुणा,

सभी काम तेरे,

सभी रूप तेरे,

सभी नाम तेरे,

‘देवेंद्र राजेंद्र कैलाश’,

शरण आए तेरे,

यति भिक्षु सद्गुरु,

हमारा तुम्ही हो,

मेरी जिंदगी का,

सहारा तुम्ही हो,

तुम्ही मेरी नईया,

किनारा तुम्ही हो ॥


तुम्ही मेरी नइया,

किनारा तुम्ही हो,

मेरी जिंदगी का,

सहारा तुम्ही हो,

तुम्ही मेरी नईया,

किनारा तुम्ही हो ॥

जब निर्वस्त्र होकर नहा रहीं गोपियों को नटखट कन्हैया ने पढ़ाया मर्यादा का पाठ

भगवान विष्णु ने रामावतार लेकर जगत को मर्यादा सिखाई और वे मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए। वहीं कृष्णावतार में भगवान ने ज्यादातर मौकों पर मर्यादा के विरुद्ध जाकर अपने अधिकारों की रक्षा और सच को सच कहने साहस हम सभी को दिखाया।

प्रदोष व्रत और इसके प्रकार

प्रदोष व्रत हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण और पवित्र व्रत है। इसे भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है। यह व्रत त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है और प्रत्येक वार पर आने वाले प्रदोष व्रत का अपना विशेष महत्व और फल है।

सत्संगति से प्यार करना सीखोजी(Sat Sangati Se Pyar Karana Sikho Ji)

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जीवन का उद्धार करना सीखोजी

फुलेरा दूज पूजा विधि

फुलेरा दूज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाने वाले त्योहार है। यह त्योहार वसंत पंचमी के आने का संकेत देता है। इस दिन देश भर में भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति को सजाया जाता है।