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Kewat Ne Kaha Raghurai Se Lyrics (केवट ने कहा रघुराई से)

केवट ने कहा रघुराई से,

उतराई ना लूंगा हे भगवन,

उतराई ना लूंगा हे भगवन,

केवट ने कहा रघुराईं से,

उतराई ना लूंगा हे भगवन ॥


मैं नदी नाल का सेवक हूँ,

तुम भवसागर के स्वामी हो,

मैं यहाँ पे पार लगाता हूँ,

तुम वहाँ पे पार लगा देना,

केवट ने कहा रघुराईं से,

उतराई ना लूंगा हे भगवन ॥


तूने अहिल्या को पार लगाया है,

मुझको भी पार लगा देना,

मैं यहाँ पे पार लगाता हूँ,

तुम वहाँ पे पार लगा देना,

केवट ने कहा रघुराईं से,

उतराई ना लूंगा हे भगवन ॥


केवट ने कहा रघुराई से,

उतराई ना लूंगा हे भगवन,

उतराई ना लूंगा हे भगवन,

केवट ने कहा रघुराईं से,

उतराई ना लूंगा हे भगवन ॥

दिसंबर माह के प्रदोष व्रत

सनातन धर्म में प्रदोष व्रत को अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। यह व्रत हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। भगवान शिव की साधना करने वाले साधक को पृथ्वी लोक के सभी सुख प्राप्त होते हैं और मृत्यु उपरांत उच्च लोक में स्थान मिलता है।

श्री गायत्री मैया की आरती (Shri Gayatri Maiya Ki Aarti)

जयति जय गायत्री माता, जयति जय गायत्री माता।
सत् मारग पर हमें चलाओ, जो है सुखदाता॥

मार्च के व्रत और त्योहार

फाल्गुन मास का प्रारंभ होते ही हिंदू धर्म में कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार आते हैं। फाल्गुन मास में मनाए जाने वाला रंगों का त्यौहार जिसे हम होली कहते हैं।

वीरविंशतिकाख्यं श्री हनुमत्स्तोत्रम्

लाङ्गूलमृष्टवियदम्बुधिमध्यमार्ग , मुत्प्लुत्ययान्तममरेन्द्रमुदो निदानम्।