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जन्मे अवध रघुरइया हो (Janme Awadh Raghuraiya Ho)

श्री राम नवमी, विजय दशमी, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा और अखंड रामायण के पाठ में प्रमुखता से गाये जाने वाला भजन।


जन्मे अवध रघुरइया हो, सब मंगल मनावो

रूप मे अनूप चारो भइया हो,

सब मंगल मनावो,

एक श्याम जो नील कमल हो

या जमुना का निर्मल जल हो

दूजे की है चांद सी गोरइया हो

सब मंगल मनावो,

बरसन सुमन देवगण आये

दरसन का सब लाभ उठाये

तीनो लोक राजा को बधइया हो

सब मंगल मनावो,

जल गये दीपक मनी दिवाली

मंत्री करे खजाना खाली

राही बांटे कामधेनु गइयाँ हो

सब मंगल मनावो,

नैनो में नींद भर आई(Naino Mein Neend Bhar Aayi)

नैनो में नींद भर आई बिहारी जू के,
नैनो में नींद भर आई रमण बिहारी जू के

आज है जानकी जयंती 2025

हिंदू धर्म में जानकी जयंती का बहुत महत्व है। इस पर्व को माता सीता के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। साल 2025 में जानकी जयंती आज यानी 21 फरवरी, शुक्रवार को मनाई जाएगी।

घर पर होलिका दहन की विधि

धार्मिक मान्यता के मुताबिक, होलिका दहन करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और सुख-समृद्धि बढ़ती है। होलिका दहन के विधिवत आराधना करने से नकारात्मकता भी घर से बाहर चल जाता है। इसके साथ ही माता लक्ष्मी का भी आशीर्वाद बना रहता है।

हर ग्यारस खाटू में अमृत जो बरसता है (Har Gyaras Khatu Me Amrit Jo Barasta Hai)

हर ग्यारस खाटू में,
अमृत जो बरसता है,