नवीनतम लेख

बाँधा था द्रौपदी ने तुम्हे (Bandha Tha Draupadi Ne Tumhe Char Taar Main)

बाँधा था द्रौपदी ने तुम्हे,

चार तार में ।

खूब जान लिया बाँधा,

एक पुष्प-हार में ॥


बाँधा था द्रौपदी ने तुम्हे,

चार तार में ।

खूब जान लिया बाँधा,

एक पुष्प-हार में ॥


वृंदा ने प्रेम डोर से,

बाँधा था तुम्ही को ।

वृषभानु किशोरी ने,

तुम्हे एक प्यार में ॥

॥ बाँधा था द्रौपदी ने..॥


बाँधा था तुम्हे साग खिला,

भक्त विधुर ने ।

गणिका ने सुना राम,

बड़ों की पुकार में॥

॥ बाँधा था द्रौपदी ने..॥


बाँधा था पवन पुत्र ने,

बूटी के बाण में ।

केवट ने लिया बाँधा,

पद पखार में ॥

॥ बाँधा था द्रौपदी ने..॥


दो अक्षरों के नाम से,

प्रह्लाद ने बाँधा ।

सबरी ने लिया बाँधा,

तुम्हे बैर चार में ॥

॥ बाँधा था द्रौपदी ने..॥


सदना ने रखा प्रेम,

तराजू में पकड़कर ।

किस अधम ने रखा है,

आंशुओं की धार में ॥

॥ बाँधा था द्रौपदी ने..॥


बाँधा था द्रौपदी ने तुम्हे,

चार तार में ।

खूब जान लिया बाँधा,

एक पुष्प-हार में ॥

माघ शुक्ल की जया नाम की एकादशी (Magh Shukal Ki Jya Naam Ki Ekadashi)

पाण्डुनन्दन भगवान् कृष्ण से हाथ जोड़ कर नम्रता पूर्वक बोले हे नाथ ! अब आप कृपा कर मुझसे माघ शुक्ल एकादशी का वर्णन कीजिए उस व्रत को करने से क्या पुण्य फल होता है।

मौनी अमावस्या पर स्नान-दान का मुहूर्त

माघ मास में आने वाली अमावस्या को माघी अमावस्या भी कहा जाता है। मौनी अमावस्या के दिन स्नान और दान का विशेष महत्व है। इस दिन तीर्थराज प्रयागराज में त्रिवेणी संगम में स्नान के लिए भारी संख्या में भक्त आते हैं।

चोला माटी के हे राम (Chola Maati Ke Hai Ram)

चोला माटी के हे राम,
एकर का भरोसा,

महाकाल की गुलामी मेरे काम आ रही है (Mahakal Ki Gulami Mere Kam Aarhi Hai)

उनकी ही कृपा से
एकदम मस्त जिंदगी है

यह भी जाने