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आज है जगराता माई का, माँ को मना लेना (Aaj Hai Jagrata Mai Ka Maa Ko Mana Lena)

आज है जगराता माई का,

माँ को मना लेना,

अरे ऐ भईया जी,

जरा ताली बजा लेना,

हाथ उठा के जोर लगा,

जयकारे लगा लेना,

अरे ऐ बहना जी,

जरा ताली बजा लेना ॥


मिलेगा जो मांगो तुमको,

नहीं कोई शंका,

सारी दुनिया में बजता है,

माई का डंका,

माई के दर पे,

शेरा वाली के दर पे,

जोत जली है,

सर को झुका लेना,

अरे ऐ भईया जी,

जरा ताली बजा लेना ॥


ये हैं मेहरा वाली मैया,

सबको खिलाती है,

बिछड़े हुए सभी को मैया,

पल में मिलाती है,

माई के दर पे,

मेरी माई के दर पे,

जोत जली है,

सर को झुका लेना,

अरे ऐ भईया जी,

जरा ताली बजा लेना ॥


चिंतपूर्णी मैया सबकी,

चिंता मिटाती है,

हारे हुए सभी को मैया,

तू ही जिताती है,

भक्त सुनाये,

माँ की महिमा,

तू संग में गा लेना,

अरे ऐ भईया जी,

जरा ताली बजा लेना ॥


आज है जगराता माई का,

माँ को मना लेना,

अरे ऐ भईया जी,

जरा ताली बजा लेना,

हाथ उठा के जोर लगा,

जयकारे लगा लेना,

अरे ऐ बहना जी,

जरा ताली बजा लेना ॥


अप्रैल 2025 व्रत-त्योहार

अप्रैल का महीना वसंत ऋतु की सुंदरता और त्योहारों की धूमधाम के साथ एक विशेष महत्व रखता है। यह माह प्रकृति के रंग-बिरंगे रूप को दर्शाता है। इस समय कई धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व मनाए जाते हैं जो हमारी संस्कृति और परंपराओं को दर्शाते हैं।

हरि तुम हरो जन की भीर(Hari Tum Haro Jan Ki Bhir)

हरि तुम हरो जन की भीर।
द्रोपदी की लाज राखी, तुम बढ़ायो चीर॥

सांवरिया थारी याद में, अँखियाँ भिगोया हाँ(Sawariya Thari Yaad Me Akhiyan Bhigoya Haan)

सांवरिया थारी याद में,
अँखियाँ भिगोया हाँ,

मेरा छोड़ दे दुपट्टा नन्दलाल - भजन (Mera Chhod De Dupatta Nandlal)

मेरा छोड़ दे दुपट्टा नन्दलाल,
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